धनबाद मेयर चुनाव: ‘कोयलांचल’ के सिंहासन के लिए महासंग्राम, करोड़पति इंजीनियरों से लेकर 10 हजार वाले ‘साक्षर’ तक मैदान में
धनबाद: धनबाद नगर निगम के महापौर (मेयर) पद की कुर्सी के लिए इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प और विविधताओं से भरा होने वाला है। चुनावी मैदान में जहां एक तरफ हाई-प्रोफाइल इंजीनियर, मास्टर डिग्री होल्डर और स्नातक मैदान में हैं, वहीं दूसरी ओर साक्षर उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस रेस में कई करोड़पति चेहरे हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जिनकी कुल जमा-पूंजी महज चंद हजार रुपये है।
महापौर पद के लिए शुरुआत में कुल 33 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की थी। गुरुवार को हुई जांच (स्क्रूटनी) में तीन नामांकन रद्द हो गए, जिससे 30 उम्मीदवार दौड़ में बचे। शुक्रवार को झामुमो समर्थित प्रत्याशी डॉ. नीलम मिश्रा द्वारा नाम वापस लेने के बाद अब चुनावी रण में कुल 29 धुरंधर आमने-सामने हैं।
शिक्षा का अनोखा संगम: डिग्री बनाम अनुभव
मेयर की कुर्सी संभालने की होड़ में पढ़ाई का हर स्तर देखने को मिल रहा है। दावेदारों में 3 इंजीनियर, 3 स्नातकोत्तर (PG), और कई स्नातक व मैट्रिक पास उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं, 10 प्रत्याशी ऐसे हैं जो केवल साक्षर हैं। यह मुकाबला धनबाद की जनता के लिए शिक्षा और जमीनी अनुभव के बीच किसी एक को चुनने जैसा होगा।
अमीरी और गरीबी की जंग: 14 करोड़ बनाम 10 हजार
शपथ पत्र के अनुसार, उम्मीदवारों की संपत्ति में जमीन-आसमान का अंतर है। सबसे अमीर प्रत्याशी रवि चौधरी हैं, जिनकी कुल संपत्ति 14.03 करोड़ रुपये है। इसके विपरीत, कुछ उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति बेहद कम है। राहुल कुमार चौहान ने अपनी संपत्ति मात्र 10 हजार रुपये घोषित की है। वहीं नवल किशोर पासवान (60 हजार) और उमेश पासवान (80 हजार) भी कम संसाधनों के साथ चुनावी मैदान में डटे हैं।
कानूनी पचड़े: चार उम्मीदवारों पर दर्ज हैं मुकदमे
चुनावी हलफनामे के मुताबिक, चार प्रत्याशियों का नाता अदालती मामलों से भी है। रवि चौधरी, अमित कुमार अग्रवाल और संजीव कुमार पर एक-एक मामला दर्ज है, जबकि रवि बुंदेला पर सर्वाधिक तीन केस दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
महापौर पद के उम्मीदवारों का पूरा प्रोफाइल (शपथ पत्र के अनुसार):
- चंद्रशेखर अग्रवाल: बीटेक | 13.4 करोड़
- रवि चौधरी: बीई | 14.03 करोड़ (1 केस)
- संजीव कुमार: एमएसई | 3.24 करोड़ (1 केस)
- शांतनु कुमार चंद्रा: बीए | 1.42 करोड़
- योगेंद्र प्रधान: 10वीं | 1.46 करोड़
- इंदु देवी: साक्षर | 1.30 करोड़
- संजीव सिंह: साक्षर | 68.60 लाख
- रवि बुंदेला: बीकॉम | 44 लाख (3 केस)
- प्रकाश कुमार: एमएसई | 44.88 लाख
- राम विनय सिंह: बीटेक | 41 लाख
- राजकुमार कनौजिया: 10वीं | 45.53 लाख
- मो. रुस्तम अंसारी: 10वीं | 45.10 लाख
- विनोद कुमार सिंह: स्नातक | 25.10 लाख
- दीनानाथ ठाकुर: स्नातक | 16.35 लाख
- भृगुनाथ भगत: स्नातक | 16.70 लाख
- शमशेर आलम अंसारी: 8वीं | 10.36 लाख
- केसी सिंहराज: एमए | 9.67 लाख
- अमित कुमार अग्रवाल: साक्षर | 9 लाख (1 केस)
- मुकेश कुमार पांडे: स्नातक | 5.41 लाख
- दिलीप कुमार: 12वीं | 5.06 लाख
- लक्ष्मी देवी: साक्षर | 4.39 लाख
- आकाश दुसाध: 10वीं | 3.77 लाख
- कुसुम देवी: साक्षर | 3 लाख
- जावेद इकबाल: इंटर | 2.50 लाख
- शिल्पी शर्मा: साक्षर | 2.35 लाख
- मो. परवेज खान: 10वीं | 1.22 लाख
- उमेश पासवान: साक्षर | 80 हजार
- नवल किशोर पासवान: साक्षर | 60 हजार
- राहुल कुमार चौहान: साक्षर | 10 हजार
धनबाद की यह चुनावी जंग अब पूरी तरह से सेट हो चुकी है, जहां मतदाता को तय करना है कि वे डिग्री को चुनेंगे या सादगी को।
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