बाढ़ से तबाह पंजाब: भगवंत मान ने अमित शाह से मांगी विशेष सहायता, केंद्र पर उपेक्षा का आरोप
पंजाब इस वक्त इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान के मद्देनजर पंजाब के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की जोरदार मांग की।
अभूतपूर्व तबाही का मंजर:
मुख्यमंत्री मान ने अमित शाह को अवगत कराया कि 2,300 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं, जिससे 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ ने राज्य की रीढ़ तोड़ दी है, 3200 स्कूल नष्ट हो गए हैं और 8500 किलोमीटर लंबी सड़कें मलबे में तब्दील हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 13,800 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है, जो बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
‘देश को पंजाब के साथ खड़ा होना चाहिए’:
मान ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब ने हर संकट में देश का साथ दिया है, और अब जब पंजाब स्वयं एक बड़े संकट से जूझ रहा है, तो देश को भी उसके साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
केंद्र पर उपेक्षा का आरोप, ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ का दावा:
इस मुलाकात से पहले, भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर पंजाब की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने पंजाब में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ लागू कर दिया है, जहां राज्यपाल मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं पाते। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पंजाब, जो देश का अन्न भंडार है, खाद्यान्न देना बंद कर दे तो केंद्र सरकार क्या करेगी? उन्होंने केंद्र की दोहरी नीति पर भी कटाक्ष किया, जिसमें पंजाब को ‘अन्न भंडार’ कहा जाता है, लेकिन घाटे के समय वित्तीय सहायता से इनकार कर दिया जाता है।
बिहार से तुलना, भावनात्मक अपील:
मान ने बिहार को केंद्र सरकार द्वारा दी गई सहायता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि बिहार में महिलाओं के लिए विशेष रूप से 7,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां चुनाव हो रहे हैं। इसके विपरीत, पंजाब की बाढ़ पीड़ितों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, की दुर्दशा पर केंद्र सरकार की उदासीनता पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंजाब की बहनें और माताएं आज मुश्किलों का सामना कर रही हैं, तंबुओं में रह रही हैं और उनके घर पानी में डूबे हैं, लेकिन केंद्र सरकार को उनकी परवाह नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री मान का यह बयान पंजाब की गंभीर बाढ़ स्थिति और केंद्र सरकार से तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के उसके प्रयासों को रेखांकित करता है।
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