समीर वानखेड़े का बड़ा खुलासा: ‘मैंने कोई चैट लीक नहीं की, वो तो अदालत में सबूत थी!’
मुंबई: एनसीबी के पूर्व अधिकारी और मौजूदा IRS अधिकारी समीर वानखेड़े एक बार फिर चर्चाओं में हैं। हाल ही में एचटी सिटी से बातचीत में उन्होंने अपने ऊपर लगे व्हाट्सएप चैट लीक करने के आरोपों पर खुलकर अपनी सफाई दी है। वानखेड़े ने स्पष्ट करते हुए कहा, “मैंने कोई चैट लीक नहीं की, वो तो अदालत में सबूत के तौर पर पेश की गई थी।”
अपनी बात को विस्तार से बताते हुए वानखेड़े ने खुलासा किया कि उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी, जिसके दौरान उन्हें कुछ सबूत कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने थे। उन्होंने कहा, “जब मैंने खुद ये चैट कोर्ट में जमा की हैं, तो मैं उसे बाहर क्यों लीक करूंगा? मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है।”
यह पूरा मामला 2023 का है, जब सीबीआई ने वानखेड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था। जुलाई 2025 में सीबीआई ने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया था कि जांच तीन महीने में पूरी हो जाएगी। वानखेड़े ने इस संबंध में कहा, “मामला कोर्ट में है, बहस के दौरान सब बातें सामने आ जाएंगी। फिर लीक करने की जरूरत ही क्या थी? और उन चैट्स में ऐसा गलत क्या है?”
उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने सबूत पेश किए, तो उन्होंने आईटी एक्ट की धारा 65B के तहत सर्टिफिकेट भी दिया था। यह सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि डेटा को सही और विश्वसनीय तरीके से इकट्ठा किया गया था।
विवाद की जड़ें मई 2023 में देखी गईं, जब CNBC-TV18 ने शाहरुख खान और समीर वानखेड़े की कथित व्हाट्सएप चैट को प्रकाशित किया था। यह चैट उस समय की बताई जाती है जब आर्यन खान को क्रूज़ ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उस चैट में शाहरुख खान ने वानखेड़े से अपने बेटे के लिए दया की गुहार लगाई थी। उन्होंने लिखा था, “आप अच्छे इंसान हैं, कृपया मेरे बेटे पर रहम करें। वो टूट जाएगा। मैं सिर्फ एक पिता के तौर पर आपसे विनती कर रहा हूं कि उसे सुधारें, तोड़ें नहीं।”
शाहरुख ने आगे कहा था, “कृपया उसे जेल में मत रहने दीजिए। वो अंदर से खत्म हो जाएगा। मैं आपके काम की इज्जत करता हूं, बस उस पर रहम कीजिए।” हालांकि, बाद में, मई 2021 में एनसीबी ने आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी थी।
समीर वानखेड़े का नाम उस वक्त काफी चर्चा में आया था जब उन्होंने मुंबई क्रूज़ ड्रग्स केस की जांच की थी। उस दौरान उन्हें एक सख्त और ईमानदार अधिकारी के रूप में देखा गया। लेकिन, बाद में उगाही और भ्रष्टाचार के आरोपों ने उनकी छवि पर सवाल खड़े कर दिए। इसी के चलते उन्हें 2021 में एनसीबी से हटा दिया गया था।
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