हाल ही में अरावली की पहाड़ियों को लेकर हुए विवाद और सुप्रीम कोर्ट द्वारा 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दिए जाने के फैसले ने इन प्राचीन पर्वतमालाओं को चर्चा में ला दिया है। एक तरफ जहां अरावली पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रकृति प्रेमियों के बीच इन पहाड़ियों की खूबसूरती को करीब से देखने की उत्सुकता बढ़ गई है। अरावली न केवल दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, बल्कि यह बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थलों को भी खुद में समेटे हुए है। दिलचस्प बात यह है कि कई लोग इन जगहों पर घूम तो आते हैं, लेकिन उन्हें यह अहसास ही नहीं होता कि वे अरावली की गोद में थे। आइए, आज आपको रूबरू कराते हैं अरावली की उन शानदार जगहों से, जो आपकी अगली यात्रा का हिस्सा बन सकती हैं।
मरुस्थल का स्वर्ग: माउंट आबू
राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू राज्य का इकलौता हिल स्टेशन है। समुद्र तल से लगभग 1,220 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह जगह तपते रेगिस्तान के बीच किसी शीतल वरदान जैसी है। यहां की ठंडी वादियां और सुहावना मौसम सैलानियों का मन मोह लेता है। अगर आप ऊंचे पहाड़, चारों ओर फैली हरियाली और शांत झीलों के शौकीन हैं, तो माउंट आबू आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। चाहे आप पार्टनर के साथ हों, सोलो ट्रिप पर हों या फैमिली के साथ, यह जगह हर किसी को सुकून देती है।
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यहाँ पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर (165 किमी) है, जबकि ट्रेन से आने वालों के लिए आबू रोड स्टेशन सबसे पास पड़ता है। दिल्ली से इसकी दूरी करीब 750 किमी है, जिसे आप बस, टैक्सी या अपनी निजी कार से आसानी से तय कर सकते हैं।
कुंभलगढ़: अरावली की अभेद्य विरासत
राजसमंद जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच गर्व से खड़ा कुंभलगढ़ किला अपनी विशालता के लिए मशहूर है। इस किले की दीवार दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार मानी जाती है, जिसकी लंबाई करीब 36 किमी है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह किला ऊंचाई पर स्थित एक भव्य महल है। कुंभलगढ़ की खास बात यह है कि यहां घूमना आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ता; आप महज 10 हजार रुपये के बजट में इस ऐतिहासिक धरोहर का लुत्फ उठा सकते हैं।
सरिस्का टाइगर रिजर्व: रोमांच का ठिकाना
अलवर जिले में अरावली की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों के बीच फैला सरिस्का टाइगर रिजर्व वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद है। अलवर शहर से 35 किमी और दिल्ली से महज 200 किमी की दूरी पर स्थित यह रिजर्व रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए प्रसिद्ध है। यहां की पहाड़ियों के बीच जीप सफारी का आनंद लेना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है।
यहां पहुंचने के लिए जयपुर नजदीकी एयरपोर्ट है और अलवर जंक्शन सबसे पास का रेलवे स्टेशन। दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा आप 4-5 घंटे में यहां पहुंच सकते हैं। आपको बता दें कि अरावली की पहाड़ियां भारत के चार प्रमुख राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान—की जीवनरेखा हैं। अपनी अगली ट्रिप में इन वादियों को करीब से देखना न भूलें!
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