करवा चौथ 2025: प्रेमानंद महाराज के प्रेम-मंत्र से स्वर्ग सा महकेगा आपका वैवाहिक जीवन

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करवा चौथ 2025: प्रेमानंद महाराज के प्रेम-मंत्र से स्वर्ग सा महकेगा आपका वैवाहिक जीवन
'मान से ज्यादा प्रेम जरूरी', Karwa Chauth 2025 पर अपनाएं प्रेमानंद महाराज के ये मंत्र, स्वर्ग बन जाएगा जीवन | Karwa Chauth 2025: Premanand Maharaj ji Heartfelt Message Love Mantra Husband wife share in hindi

करवा चौथ 2025: प्रेमानंद महाराज के अनमोल विचार – प्रेम और सम्मान की कसौटी पर

नई दिल्ली: करवा चौथ, सुहागिन महिलाओं का वह पावन पर्व, जहाँ वे अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह केवल एक उपवास नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, सम्मान और समर्पण की वो अनमोल भावना है, जिसे शब्दों में पिरोना कठिन है। यह पर्व पति-पत्नी के रिश्ते को और भी प्रगाढ़ बनाता है।

इसी कड़ी में, प्रेमानंद जी महाराज के विचार हमें जीवन में सकारात्मकता की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देते हैं। महाराज इन दिनों किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं। अपनी दोनों ही किडनियों को उन्होंने राधा-कृष्ण का नाम दिया है, जो इस समय ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं।

इसके बावजूद, महाराज अपने भक्तों से दूरी बनाए नहीं रखते। उन्होंने अपने एक प्रवचन में बड़ी ही मार्मिक और सुंदर बात कही है, जिसे पति-पत्नी सहित हर रिश्ते में अपनाने से जीवन में सुख और संतोष बना रहेगा।

सम्मान या प्रेम: किसे दें प्राथमिकता? (प्रेमानंद महाराज के अनुसार)

हाल ही में, किसी ने महाराज से पूछा कि सम्मान और प्रेम में से किसे चुनना चाहिए? मुस्कुराते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा, “प्रेम।” उन्होंने हमेशा इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें प्रेम को ही सर्वप्रथम रखना चाहिए। जब हम किसी से प्रेम करते हैं, तो स्वतः ही मन में उसके प्रति सम्मान और परवाह जागृत हो जाती है, जिसे जताने की आवश्यकता नहीं पड़ती। दुनिया की हर जंग प्रेम से जीती जा सकती है, और हर रिश्ते की नींव भी प्रेम ही है – चाहे वह ईश्वर के प्रति हो, परिवार के प्रति, कार्य के प्रति या किसी खास व्यक्ति के प्रति।

“सम्मान एक भ्रामक भाव है” – प्रेमानंद महाराज

महाराज आगे कहते हैं, “सम्मान तो एक बहुत ही भ्रामक चीज़ है। यह केवल एक बाहरी प्रदर्शन है, जो व्यक्ति के भीतर घमंड, क्रोध और अहंकार को जन्म देता है। जबकि प्रेम एक ऐसी भावना है जो हृदय को शांति और जीवन को आनंद से भर देती है। प्रेम से रिश्ते मजबूत होते हैं, जीवन में संतोष और शांति बनी रहती है, और व्यक्ति प्रसन्न रहता है।”

करवा चौथ 2025: पत्नी के त्याग को समझें

इस करवा चौथ, अपनी पत्नी के त्याग और समर्पण को महसूस करें और उसके प्रेम को हृदय की गहराई से स्वीकारें। यह आपके रिश्ते को वह सब कुछ प्रदान करेगा, जिसकी आप अभिलाषा करते हैं। ज्ञात हो कि प्रेमानंद महाराज पिछले 19 वर्षों से अस्वस्थ हैं। कानपुर में जन्मे प्रेमानंद महाराज का असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है।



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