2,000 किलोमीटर का सफर तय कर जूनागढ़ से चेन्नई पहुँची 14 वर्षीय जेन्सी कनाबर का नाम मूल क्वालीफाइंग सूची में दूर-दूर तक नहीं था, लेकिन जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने रविवार को डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के कोर्ट पर अपनी प्रतिभा की ऐसी छाप छोड़ी कि सब देखते रह गए। जेन्सी ने पांचवीं वरीयता प्राप्त वेरोनिका फाल्कोव्स्का को तीन सेटों तक पसीने छुड़ा दिए, भले ही अंततः उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दरअसल, भारत की श्रीवल्ली भामिदिपति के सीधे क्वालीफाइंग ड्रॉ में प्रवेश करने के बाद जेन्सी की किस्मत चमकी और उन्हें अंतिम समय में वाइल्ड कार्ड मिल गया।
उन्होंने इस सुनहरे मौके को दोनों हाथों से लपका। पोलैंड की विश्व रैंकिंग में 287वें नंबर की दिग्गज खिलाड़ी वेरोनिका के खिलाफ जेन्सी ने न केवल दूसरा सेट अपने नाम किया, बल्कि निर्णायक सेट में भी उन्हें कांटे की टक्कर दी। हालांकि, कड़े मुकाबले के बाद उन्हें 2-6, 7-5, 6-3 से हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद जेन्सी ने कहा, ‘‘उनके पास मुझसे ज्यादा अनुभव है, इसलिए वे कुछ अलग कर सकते हैं।
वे तेज या धीमी गति से खेल सकते हैं, मैच की स्थिति बदल सकते हैं। मैंने आज यही सीखा।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं अपने इस प्रदर्शन से बेहद खुश हूं। अगली बार मैं निश्चित तौर पर इससे भी बेहतर प्रदर्शन करूंगी।’’
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


