ओवैसी ने CEC चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, बोले- सरकार के साथ CJI और विपक्ष भी हो शामिल

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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ओवैसी ने CEC चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, बोले- सरकार के साथ CJI और विपक्ष भी हो शामिल

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त यानी CEC के चयन की मौजूदा प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति की व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। ओवैसी ने सुझाव दिया कि CEC के चयन में प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता को शामिल किया जाना चाहिए।

INDIA गठबंधन के मार्च से क्यों दूर रहे ओवैसी?

दिल्ली में मंगलवार को INDIA गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ संसद से विरोध मार्च निकाला था। हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इसकी वजह साफ करते हुए कहा कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।

ओवैसी ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि उनके लिए इसमें शामिल होना ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ वाली बात होती।

CEC चयन व्यवस्था पर बड़ा सवाल

ओवैसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को मौजूदा व्यवस्था की प्रमुख समस्याओं में से एक बताया। उनका कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया में कार्यपालिका का प्रभाव अधिक है और इसे संतुलित करने की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि CEC के चयन में सरकार के अलावा विपक्ष और न्यायपालिका की भी भूमिका होनी चाहिए। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री, CJI और लोकसभा में विपक्ष के नेता मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन करें, जिससे प्रक्रिया में ज्यादा संतुलन और पारदर्शिता आ सके।

SIR को लेकर भी ओवैसी का हमला

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी ओवैसी ने विरोध जताया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बिहार में SIR के दौरान भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई थी।

ओवैसी ने SIR को गलत बताते हुए इसे ‘पिछले दरवाजे से NRC’ करार दिया। हालांकि, यह ओवैसी का राजनीतिक दावा है, जिस पर चुनाव आयोग और सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।

कानून में बदलाव की मांग

AIMIM प्रमुख ने कहा कि CEC की नियुक्ति से जुड़ी व्यवस्था में कानून संशोधन किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में सभी प्रमुख संस्थाओं की संतुलित भागीदारी जरूरी है।

19 दलों ने निकाला था विरोध मार्च

मंगलवार को INDIA गठबंधन से जुड़े 19 दलों के सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला था। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता बैरिकेडिंग पार कर आकाशवाणी भवन परिसर तक पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

अब ओवैसी के बयान ने चुनाव आयोग और CEC की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को एक नया आयाम दे दिया है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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