दिल्ली की सांसें थमीं: वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ की ओर, कई इलाके ‘खतरनाक’ स्तर पर
नई दिल्ली: रविवार की सुबह देश की राजधानी दिल्ली घने कोहरे और धुंध की चादर में लिपटी नजर आई, जिसने न सिर्फ़ विजिबिलिटी को कम किया, बल्कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में धकेल दिया। सुबह 6:30 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 372 दर्ज किया गया, जो चिंताजनक स्थिति का संकेत है।
प्रदूषण का कहर: ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुंचे कई इलाके
शहर के कई इलाके प्रदूषण के ‘खतरनाक’ स्तर से जूझ रहे हैं। वजीरपुर 425, बवाना 410, रोहिणी 409, आरके पुरम 418 और द्वारका 401 के एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में शुमार हैं। इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में भी संकट: फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा भी प्रभावित
प्रदूषण का यह संकट केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एनसीआर क्षेत्र में भी वायु गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। फरीदाबाद 312, गुरुग्राम 325, ग्रेटर नोएडा 308, गाजियाबाद 322 और नोएडा 301 के एक्यूआई के साथ गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
कम हवा की गति और उच्च आर्द्रता: प्रदूषण के जमाव का कारण
मौसम विभाग के अनुसार, हवा की बेहद धीमी गति (लगभग 4 किमी प्रति घंटा) और शनिवार शाम को 73 प्रतिशत आर्द्रता ने धुएं और प्रदूषण कणों को शहर में जमा होने में मदद की, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। सफदरजंग में 900 मीटर और पालम में 1,300 मीटर की विजिबिलिटी दर्ज की गई।
तापमान में गिरावट: सामान्य से कम अधिकतम तापमान
वहीं, दिल्ली में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग तीन डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है।
यह स्थिति राजधानीवासियों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी है, और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए तत्काल उपायों की आवश्यकता पर बल देती है।
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