दिल्ली-एनसीआर की जानलेवा हवा: सांसों पर संकट, सेहत बेहाल
राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है। ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से 400 के पार पहुंच गया है, जो ‘बहुत खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ प्रदूषण का स्तर दर्शाता है। यह सिर्फ दिल्ली की ही कहानी नहीं है, बल्कि फरीदाबाद (312), गाजियाबाद (318), ग्रेटर नोएडा (325), गुरुग्राम (328) और नोएडा (310) जैसे पड़ोसी शहरों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। हर ओर ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी की हवा लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनी हुई है।
सांसों का दम घुट रहा, बीमारियां बढ़ रही हैं
पर्यावरण विशेषज्ञों की मानें तो इस जानलेवा हवा में लंबे समय तक सांस लेना जानलेवा साबित हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, दिल और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। आम जनता पहले से ही सांस फूलने, गले में खुजली और आंखों में चुभन जैसी समस्याओं से जूझ रही है। यह हवा किसी धीमे जहर से कम नहीं है, जो चुपके-चुपके हमारे शरीर को खोखला कर रही है।
ठंड का सितम, सर्दी का अहसास तेज
जहां एक ओर प्रदूषण का कहर जारी है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर में सर्दी ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है। दिन का तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन 15-20 किलोमीटर प्रति घंटा की ठंडी हवाएं सुबह और शाम को ठंड का अहसास और भी बढ़ा रही हैं। ऐसे में, साफ आसमान के बावजूद, हवा की गुणवत्ता और ठंड का दोहरा वार लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
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