उधर, सीपीआई (एम) के साथ गठबंधन की कसरत अभी जारी है। खबरों की मानें तो सीपीआई (एम) ने 2021 के मुकाबले इस बार अधिक सीटों पर अपना दावा ठोका है, जिस पर चर्चाओं का दौर आगे भी बना रहेगा।
रणनीति के तहत कांग्रेस के खाते में करीब 28 सीटें जाने की संभावना है, जबकि एमडीएमके, आईयूएमएल और मनिथनेया मक्कल कच्ची (एमएमके) जैसे अन्य सहयोगियों को कम सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है।
सीपीआई के साथ सहमति बनने के बाद, डीएमके अब सीट-बंटवारे की इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच गई है। इसके साथ ही 23 अप्रैल को एक ही चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक एकजुट और सुनियोजित चुनावी शंखनाद का रास्ता साफ हो गया है।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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