मुख्यमंत्री इंटर्नशिप योजना बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके अंतर्गत राज्य के युवाओं को तीन माह से एक साल तक उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे युवा आधुनिक कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बनेंगे और बिहार को एक कौशल-संपन्न तथा प्रतिस्पर्धी राज्य के रूप में स्थापित करेंगे। बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह श्रमायुक्त राजेश भारती ने शुक्रवार को श्रम संसाधन विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को “सीएम-प्रतिज्ञा योजना पर उद्योग संवेदीकरण कार्यशाला” को संबोधित करते हुए कहा। श्री भारती कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने योजना के विजन, मिशन और प्रमुख उद्देश्यों को प्रस्तुत किया। इसमें खास तौर पर श्रमिक कल्याण, युवाओं में जागरूकता और उद्योगों के साथ सहयोगी तंत्र को मज़बूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला प्रमंडल और जिलास्तर पर भी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी सबंधित लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों, पीएसयू और निजी कंपनियों ने शिरकत की। इसमें हरिओम फीड्स प्रा. लि., ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज, इंडियन आयल कॉर्पोरेशन, एचपीसीएल, माइक्रोमैक्स बायो फ्यूल प्रा. लि., प्रमोद लड्डू, बीआरएलपीएस-जीविका, डालमिया सीमेंट, बिहार सरकार के शिक्षा, कृषि व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व प्रतिनिधि, कॉम्फेड, गो ग्रीन अपैरल प्रा. लि., अनमोल इंडस्ट्रीज, परमान न्यूट्रीशन प्रा. लि. और ओवो सुन्दरम इंटरनेशनल प्रा. लि. जैसे प्रमुख साझेदार मौजूद थे। चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछे और पैनल के साथ अपने उपयोगी सुझाव भी साझा किए। यह तय किया गया कि विभागीय समन्वय को और अधिक मज़बूत बनाया जाएगा। ज़िलास्तर पर फॉलो-अप वर्कशॉप आयोजित किये जाएंगे और सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। कार्यशाला का समापन मिशन निदेशक मनीष शंकर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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