महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज है। एमएनएस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि यदि मौजूदा अव्यवस्था पर लगाम कसनी है, तो मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक, मीरा-भयंदर, कल्याण-डोम्बिवली और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख नगर निकायों पर कड़ा नियंत्रण बेहद जरूरी है।
वहीं, उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए विकास के दावों को महज एक ‘छलावा’ करार दिया। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बीजेपी जिस विकास का ढोंग रच रही है, वह प्रगति नहीं बल्कि विनाश की ओर ले जाने वाला ‘नियोजन विहीन’ कदम है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, “मौजूदा सरकार खुद इस बात से अनजान है कि वह आखिर करना क्या चाहती है।”
उन्होंने भावनात्मक लहजे में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता में बैठे लोग मराठी और महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं, फिर भी मुंबई की जनता के प्रति उनकी कोई जवाबदेही नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने सीधा आरोप जड़ा, “यह सरकार आम जनता के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ ठेकेदारों के हितों को साधने के लिए काम कर रही है।”
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