राजस्व का गड्ढा: निबंधन विभाग में हड़कंप, महानिरीक्षक ने जारी किया 10 सूत्री ‘एक्शन प्लान’!
मुजफ्फरपुर: जमीन की रजिस्ट्री से होने वाली आय में भारी गिरावट ने निबंधन विभाग में चिंता की लहर दौड़ा दी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार नौ फीसदी कम राजस्व वसूली हुई है, जो चिंताजनक है। मुजफ्फरपुर सहित राज्य के लगभग सभी जिलों में यह स्थिति देखी जा रही है।
2025-26 का लक्ष्य बड़ा, वसूली ठप:
निबंधन महानिरीक्षक अंशुल अग्रवाल ने सभी जिला अवर निबंधकों और अवर निबंधकों को एक कड़ा पत्र जारी कर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है। लक्ष्य पूरा न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इस वर्ष 9130 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण लक्ष्य रखा गया है, लेकिन 13 सितंबर तक मात्र 3386.53 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है, जो लक्ष्य का महज 74.18 प्रतिशत है।
चिंताजनक कमी, 340 करोड़ पीछे:
यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 340.53 करोड़ रुपये या 09 प्रतिशत कम है। इतना ही नहीं, निबंधित दस्तावेजों की संख्या में भी 15 प्रतिशत की कमी आई है, जो महानिरीक्षक के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
राजस्व बढ़ाने के लिए 10 सूत्री ‘एक्शन प्लान’:
इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने अधिकारियों को तत्काल दस बिंदुओं पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसमें शामिल हैं:
- स्थल निरीक्षण अनिवार्य: व्यावसायिक क्षेत्रों, आयोजना क्षेत्रों और शहरी/परिधीय क्षेत्रों में दस्तावेजों के निबंधन से पहले स्थल निरीक्षण कर राजस्व क्षति को रोकना।
- दस्तावेजों की सटीक जांच: संपत्ति का सही वर्गीकरण सुनिश्चित करना और संरचना वाले दस्तावेजों की स्वयं जांच करना।
- प्रति दस्तावेज आय वृद्धि: हर दस्तावेज से होने वाली आय बढ़ाने पर जोर।
- लंबित नीलामवाद की वसूली: नीलामवाद पदाधिकारी से संपर्क कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना।
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अवेयर मीडिया नेटवर्क
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