वाराणसी कचहरी में वकीलों और पुलिस के बीच जंग: दरोगा पर हमला, क्या है पूरा मामला?

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वाराणसी कचहरी में वकीलों और पुलिस के बीच जंग: दरोगा पर हमला, क्या है पूरा मामला?
Varanasi News: कचहरी में वकील और पुलिस में कैसे भड़का बवाल, दरोगा पर हमला क्यों हुआ? जानें विवाद की जड़ | varanasi news lawyers police clash court how dispute escalated know the root reason uttar pradesh

वाराणसी: कचहरी बना रणक्षेत्र, वकीलों ने दरोगा को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा!

वाराणसी: मंगलवार को वाराणसी की कचहरी एक अप्रत्याशित जंग का मैदान बन गई, जहाँ वकीलों ने एक दरोगा को न केवल दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, बल्कि उसे गंभीर रूप से घायल भी कर दिया। इस घटना ने पूरे कचहरी परिसर में हड़कंप मचा दिया।

गंभीर रूप से घायल दरोगा मिथिलेश को पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बाद में बीएचयू के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद से ही लोगों में यह सवाल कौंध रहा है कि आखिर इस हिंसक वारदात की जड़ क्या है?

जमीन विवाद की आग, दरोगा बना शिकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सीधे तौर पर एक जमीन विवाद से जुड़ा है। बड़ागांव इलाके में दो परिवारों के बीच पिछले कई महीनों से भूमि को लेकर तनातनी चल रही है। हाल ही में इसी विवाद के चलते एक वकील गंभीर रूप से घायल हो गया था। आरोप है कि दरोगा मिथिलेश ने ही उस वकील की पिटाई की थी। इसी आरोप के चलते वकील, दरोगा का कचहरी में इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को दरोगा मिथिलेश किसी काम से कचहरी पहुंचे। जैसे ही वकीलों की नजर उन पर पड़ी, वे गुस्से में लाल हो गए और भीड़ जमा हो गई। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि जो भी दरोगा को बचाने आया, वह भी चोटिल हो बैठा। दरोगा की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज ट्रामा सेंटर में जारी है।

जानिए, कहां से भड़की विवाद की चिंगारी?

विवाद की जड़ बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुआरी खुर्द गांव की आराजी नंबर 125 और 126 हैं। गांव के निवासी मोहित कुमार सिंह और उनके चाचा प्रेमचंद मौर्या के बीच इसी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। 28 जून को प्रेमचंद जब अपने मकान का निर्माण करवा रहे थे, तब मोहित उन्हें रोकने पहुंचा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस जांच में जुटी थी।

इसके बाद, 13 सितंबर को मोहित समाधान दिवस पर एक प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचा, जहां दूसरे पक्ष को भी बुलाया गया। पूछताछ के दौरान दोनों पक्ष थाने में ही आपस में भिड़ गए, जिससे कुछ देर के लिए थाने में भी अफरातफरी का माहौल बन गया था।

पुलिस पर लगे मारपीट के गंभीर आरोप

बताया जा रहा है कि समाधान दिवस पर जनसुनवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी में हुई मारपीट के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने मोहित सिंह के साथ मारपीट की थी। उस समय बड़ागांव थानाध्यक्ष और थाने के सब इंस्पेक्टर पर मारपीट का आरोप लगा था। वकील को घायल बताते हुए उसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। हालांकि, तब इस मामले ने अधिक तूल नहीं पकड़ा था और न ही पुलिस और न ही वकीलों ने इसे गंभीरता से लिया था।

वकीलों का गुस्सा क्यों फूट पड़ा?

अपने साथी वकील के साथ हुई कथित मारपीट का बदला लेने के लिए वकीलों का एक समूह बड़ागांव थाने के पुलिसकर्मियों का कचहरी में इंतजार कर रहा था। इसी बीच, मंगलवार को न्यायालय से कोई पर्चा लेने के लिए बड़ागांव थाने के दरोगा मिथिलेश कचहरी पहुंचे।

मिथिलेश को कचहरी में देखते ही वकीलों ने पहचान लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद, वकीलों का समूह दरोगा को घेर लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। दरोगा के जमीन पर गिर जाने के बाद भी वकील उन्हें पीटते रहे। भीड़ में शामिल वकील किसी की भी सुनने को तैयार नहीं थे। इस मारपीट के चलते दरोगा गंभीर रूप से घायल हो गए। दरोगा की वर्दी फट गई और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं।

अधिकारियों ने किसी तरह पाया हालात पर काबू

जैसे ही घटना की खबर फैली, पूरे कचहरी क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। जिलाधिकारी, डीआईजी, डीसीपी सहित जिले के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। छह थानों से करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कोर्ट परिसर को खाली कराकर हालात को काबू में करने का प्रयास किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। चाहे वकील हों या पुलिस, किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल, घायल दरोगा को आईसीयू में रखा गया है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

तीन सीसीटीवी फुटेज भी आए सामने

कचहरी परिसर में दरोगा के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। मारपीट से जुड़े तीन सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें साफ दिख रहा है कि किस तरह वकीलों का समूह दरोगा की पिटाई कर रहा है।

इस मामले में, घायल दरोगा मिथिलेश की तहरीर पर 10 नामजद सहित 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं, वकील पक्ष इस पूरे मामले में पुलिसकर्मियों को दोषी बता रहा है। यह मामला अभी भी गरमाया हुआ है।


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