वाराणसी: सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर साधा निशाना, चुनावी पारदर्शिता, सेना और महिला सम्मान पर उठाए सवाल
वाराणसी: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने सोमवार को वाराणसी प्रवास के दौरान सत्ताधारी भाजपा पर कड़ा प्रहार किया। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने चुनावी पारदर्शिता, सेना, क्रिकेट और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखी।
सांसद ने सबसे पहले मां के सम्मान के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की मां का अपमान स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री की मां को लेकर बिहार में दिए गए बयान की जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि मां का स्थान हर संस्कृति में सर्वोपरि है।
चुनावी प्रक्रिया पर भी उन्होंने सवालिया निशान लगाए। भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर उपचुनाव में उनके बेटे अजीत प्रसाद को हराने के लिए सत्ता पक्ष ने खुलेआम धांधली कराई। यह केवल वोट चोरी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव को हिलाने वाली घटना थी।
टीम से हाथ न मिलाना स्वाभिमान का प्रतीक
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर सांसद ने कहा कि देश की जनता इस मुकाबले को लेकर सहज नहीं थी। बावजूद इसके, जब खेल हुआ तो भारतीय टीम ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि इस जीत ने तिरंगे की शान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि खिलाड़ियों का पाकिस्तान टीम से हाथ न मिलाना स्वाभिमान का प्रतीक है। यह फैसला केवल खेल भावना का हिस्सा नहीं था, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतिबिंब भी था। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
सपा खत्म कर देगी अग्निवीर योजना
भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव द्वारा जीत को सेना को समर्पित किए जाने पर सांसद ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जवानों का त्याग और साहस हमेशा प्रेरणा देता है। सेना का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और यही सच्ची देशभक्ति है।
अग्निवीर योजना पर उन्होंने कड़ा रुख दिखाया। सांसद ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो यह योजना 24 घंटे में खत्म कर दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुरानी भर्ती व्यवस्था को बहाल कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा।
महिलाओं को मिले बराबरी और सम्मान
रामभद्राचार्य के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को हमेशा पूजनीय माना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत सोच अलग हो सकती है, लेकिन देश में महिला का सम्मान सर्वोपरि है और यही परंपरा हमारी पहचान है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज तभी प्रगति कर सकता है जब महिलाओं को बराबरी और सम्मान मिले। सांसद ने कहा कि नारी शक्ति का आदर ही भारतीय सभ्यता का सबसे मजबूत स्तंभ है और इसे किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होने देना चाहिए।
वहीं पुलवामा शहीदों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक मौजूदा सरकार की नीतियां बदलेंगी नहीं, तब तक परिवारों को न्याय नहीं मिल सकेगा। उन्होंने दावा किया कि सत्ता परिवर्तन ही असली बदलाव ला सकता है और लोकतंत्र की गरिमा बहाल कर सकता है।
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