कैरिबियन सागर में खूंखार पनडुब्बी का अंत: ट्रंप का बड़ा दावा, 25 हजार जानें बचाईं!
वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना ने कैरिबियन सागर में एक खतरनाक अर्ध-पनडुब्बी को मार गिराया है, जो भारी मात्रा में नशीली दवाओं के साथ अमेरिकी तट की ओर बढ़ रही थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कार्रवाई उस कुख्यात मार्ग पर हुई, जो नशीली दवाओं की तस्करी के लिए बदनाम है। उनके अनुसार, इस पनडुब्बी में फेंटेनाइल जैसी जानलेवा अवैध दवाओं का जखीरा भरा था।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यह जहाज अमेरिका में घातक नशीले पदार्थ पहुंचाने की फिराक में था। ट्रंप ने बताया कि इस ऑपरेशन में दो तस्करों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को अमेरिकी बलों ने हेलिकॉप्टर द्वारा बचाया और नौसैनिक युद्धपोत पर ले जाया। ये दोनों संदिग्ध इक्वाडोर और कोलंबिया के नागरिक बताए जा रहे हैं, जिन्हें उनके देशों को वापस भेजा जा रहा है, जहाँ उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह उल्लेखनीय है कि फेंटेनाइल अमेरिका में हर साल हजारों लोगों की जान लेने वाली एक सिंथेटिक ड्रग है। ट्रंप का मानना है कि अगर यह पनडुब्बी अमेरिकी तट तक पहुँच जाती, तो कम से कम 25,000 अमेरिकी नागरिकों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने इस घटना को ‘नार्कोटेररिज्म’ करार देते हुए जोर देकर कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान ड्रग कार्टेल के खिलाफ जमीन और समुद्र, दोनों मोर्चों पर किसी भी स्तर की कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए ब्लैक-एंड-व्हाइट वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि समुद्र की सतह के करीब चल रही अर्ध-पनडुब्बी पर पीछे से लगातार विस्फोट किए जा रहे हैं। यह सितंबर से अब तक ऐसी छठी सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है, जिसमें ड्रग ले जाने वाले पनडुब्बीनुमा जहाजों को नष्ट किया गया है। पिछली घटनाओं में 27 लोगों की मौत हो चुकी थी, और इस ताजा घटना के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 29 हो गया है।
कानूनी विशेषज्ञों के बीच भी इस अभियान को लेकर बहस छिड़ गई है, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन इन ऑपरेशन्स को 9/11 के बाद के आतंकवाद-रोधी युद्ध की तर्ज पर ‘सशस्त्र संघर्ष की स्थिति’ बताकर अंजाम दे रहा है। इस बीच, कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति में भी भारी इजाफा देखा जा रहा है, जिसमें मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत, F-35 लड़ाकू विमान, परमाणु पनडुब्बियां और लगभग 6,500 सैनिकों की तैनाती शामिल है।
ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ड्रग कार्टेल को बख्शने वाला नहीं है, और इस अभियान के लंबे समय तक जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। फेंटेनाइल की तस्करी को अमेरिका के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर खतरा माना जा रहा है, और इसी के मद्देनजर यह सैन्य अभियान तेज किया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में इसका लैटिन अमेरिकी देशों और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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