अमेरिका और भारत व्यापार समझौते के मुहाने पर! ट्रंप बोले, “हम बहुत करीब हैं!”
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका, भारत के साथ एक “न्यायसंगत व्यापार समझौते” पर पहुँचने के “काफी करीब” है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह भारत पर लगाए गए शुल्कों को “किसी न किसी समय” कम करेंगे। यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने मात्र दो हफ्तों के भीतर भारत के साथ व्यापार समझौते की उम्मीद जताई है।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप का यह बयान उनकी आम शैली की अतिशयोक्ति है या दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित समझौते की वार्ता में वाकई कोई महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
सोमवार को ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान, जहाँ उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका के नए राजदूत के रूप में शपथ दिलाई, ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ एक समझौता कर रहे हैं, यह पहले की तुलना में बहुत अलग है। इसलिए अभी वे मुझे पसंद नहीं करते लेकिन वे हमें फिर से पसंद करेंगे।”
ट्रंप ने भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा साझेदार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके “शानदार” संबंध हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमारे प्रधानमंत्री मोदी के साथ शानदार संबंध हैं और सर्जियो गोर ने इस रिश्ते को और मजबूत किया है क्योंकि वह पहले से ही प्रधानमंत्री के साथ दोस्ताना संबंध रखते हैं। जब उन्हें पता चला कि सर्जियो भारत के राजदूत बनने वाले हैं तो वे लगातार संपर्क में रहते थे कि ‘आइए, इस व्यक्ति को जानें।’ और उन्हें सर्जियो पसंद आए।”
“हम एक उचित समझौता कर रहे हैं, सिर्फ एक न्यायसंगत व्यापार सौदा,” ट्रंप ने जोर देकर कहा। “पहले हमारे पास काफी अनुचित व्यापार समझौते थे। भारत के लोग बहुत अच्छे वार्ताकार हैं, सर्जियो, इसलिए इस पर ध्यान रखना होगा।”
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से उन्होंने कहा, “लेकिन हम काफी करीब पहुंच चुके हैं। स्कॉट, मेरा मानना है कि हम एक ऐसा सौदा करने के बहुत करीब हैं, जो सबके लिए अच्छा होगा।” बेसेंट ने भी सहमति जताते हुए कहा, “बिल्कुल सही।”
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी कटाक्ष किया। “पहले क्या (पूर्व राष्ट्रपति जो) बाइडन ऐसा सवाल पूछते? मुझे नहीं लगता। वह पूछते कि ‘भारत के साथ क्या स्थिति है?’ उन्हें भारत के बारे में कुछ पता नहीं था। खैर, कोई बात नहीं।”
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह भारत के साथ व्यापार समझौते के तहत शुल्क कम करने पर विचार करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, “अभी भारत पर बहुत भारी शुल्क लागू है, क्योंकि उन्होंने रूसी तेल खरीदा था। लेकिन अब उन्होंने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। रूसी तेल की खरीद में काफी कमी आई है। हां, हम जल्द ही इन शुल्कों को कम करने जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “किसी भी समय हम इन्हें कम करेंगे। बिना शुल्क के हमारा देश बहुत मुश्किल में पड़ जाएगा, जैसे कि पहले कई वर्षों तक रहा था।”
गौरतलब है कि हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, खासकर तब जब ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगाए थे, जिसमें रूसी तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। भारत ने इस कदम को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक” बताते हुए कहा था कि उसकी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित पर आधारित है।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर अब तक पांच दौर की वार्ताएं पूरी हो चुकी हैं।
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