भारत और अमेरिका, व्यापारिक संबंधों में नई उड़ान भरने को तैयार!
नई दिल्ली: द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में भारत और अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 10 दिसंबर को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के शुरुआती दौर की चर्चाएं शुरू होने वाली हैं। हालांकि इसे पूर्ण वार्ता दौर नहीं माना जा रहा, पर यह मुलाक़ात समझौते को अंतिम रूप देने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। अमेरिकी उप-व्यापार प्रतिनिधि रिक स्वित्ज़र के नेतृत्व में आने वाला यह प्रतिनिधिमंडल, भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद के चलते भारतीय निर्यातों पर लगे 25% टैरिफ और 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क के बाद, अमेरिका का दूसरा दौरा होगा।
लगातार कूटनीतिक संपर्क, मजबूत हो रहे रिश्ते:
यह आगामी बैठक दोनों देशों के बीच निरंतर कूटनीतिक जुड़ाव का प्रमाण है। इससे पहले, अमेरिकी वार्ताकारों ने 16 सितंबर को भारत का दौरा किया था, जबकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मई में दो बार और फिर 22 सितंबर को वाशिंगटन जाकर इस दिशा में महत्वपूर्ण चर्चाएं की थीं। इस वार्ता प्रक्रिया का नेतृत्व अमेरिका की ओर से दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए यूएसटीआर के सहायक ब्रेंडन लिंच और भारत के वाणिज्य विभाग की ओर से संयुक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं।
यह चर्चाएं इसलिए भी अहमियत रखती हैं क्योंकि वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल ही में विश्वास जताया था कि भारत वर्ष के अंत तक अमेरिका के साथ एक रूपरेखा व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की स्थिति में होगा। इस तरह के समझौते से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्तमान में टैरिफ संबंधी बाधाओं से जूझ रहे हैं।
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