जी7 की मेज़बानी करेगा कनाडा, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर होंगे शामिल: क्या सुलझेंगे भारत-कनाडा के बिगड़े रिश्ते?
कनाडा के ओंटारियो में होने वाली जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। कनाडा सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में जी7 सदस्य देशों के अलावा, आठ ‘आउटरीच’ देशों के विदेश मंत्री भी शिरकत करेंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, सऊदी अरब, मेक्सिको, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन शामिल हैं। यह बैठक 11-12 नवंबर को ओंटारियो के नियाग्रा क्षेत्र में आयोजित की जाएगी।
इस बहुप्रतीक्षित बैठक के दौरान भारत और कनाडा के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की भी पूरी संभावना है। गौरतलब है कि कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने पिछले महीने ही भारत का दौरा किया था। अलगाववादी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में आए तनाव के बीच, किसी कनाडाई मंत्री की यह पहली उच्च-स्तरीय भारतीय यात्रा थी। इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए एक नए रोडमैप की दिशा तय की थी।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस बैठक से भारत और कनाडा के रिश्तों में और सुधार आएगा। भारत सरकार लंबे समय से इस बात पर ज़ोर देती रही है कि कनाडा में अलगाववादी तत्वों को राजनीतिक मंच मिल रहा है।
इस बीच, एक और संभावना यह भी है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस माह दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में होने वाली जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेते हैं, तो उनकी मुलाकात कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से हो सकती है।
रिश्तों में सुधार के साथ एक चुनौती भी:
सितंबर 2023 के बाद से भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंध बेहद जटिल दौर से गुज़रे हैं। हालांकि, इस साल की शुरुआत में कनाडा में राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव के बाद से संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं। इसके बावजूद, कनाडा में अलगाववादी गतिविधियों का जारी रहना दोनों देशों के बीच एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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