ट्रंप की इजरायल यात्रा की ओर: शांति समझौते के बाद नेसेट को संबोधित करने की उम्मीद
इजरायल और हमास के बीच चल रहा संघर्ष एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित गाजा शांति समझौते पर दोनों पक्षों ने अपनी रजामंदी दे दी है। इस समझौते के पहले चरण को लागू करने के लिए मिस्र में हुई बैठक में हमास के नेताओं ने भी सहमति जता दी है। खुद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर इस खबर की पुष्टि की है। इस महत्वपूर्ण समझौते में बंधकों की रिहाई और कैदियों के आदान-प्रदान का प्रावधान है, हालांकि अभी भी कई पेचीदा मसले सुलझने बाकी हैं। गाजा शांति समझौते की घोषणा के बाद, ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह दुनिया के लिए एक “महान दिन” है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही इजरायल की यात्रा कर सकते हैं और वहां की संसद, नेसेट, को संबोधित करेंगे।
नेतन्याहू का निमंत्रण और ट्रंप की संभावित इजरायल यात्रा
गाजा शांति समझौते के पहले चरण पर इजरायल और हमास के बीच सहमति की घोषणा के उपरांत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने Axios को बताया, “मुझसे उम्मीद की जा रही है कि मैं आने वाले दिनों में इजरायल पहुंचूं। वे चाहते हैं कि मैं नेसेट में बोलूं और अगर वे ऐसा चाहते हैं, तो मैं निश्चित रूप से ऐसा करूंगा।” इजरायली मीडिया Ynet की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति रविवार को इजरायल पहुंच सकते हैं। समझौते की घोषणा के तुरंत बाद एक संक्षिप्त फोन साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, “यह इजरायल और पूरी दुनिया के लिए एक महान दिन है।”
नेसेट को संबोधित करने का निमंत्रण
ट्रंप ने Axios को यह भी बताया कि उनकी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ “बेहतरीन बातचीत” हुई है। उन्होंने कहा, “वह बहुत खुश हैं और होना भी चाहिए। यह एक बड़ी उपलब्धि है। पूरी दुनिया इस समझौते तक पहुंचने के लिए एकजुट हुई है, यहां तक कि वे देश भी जो पहले दुश्मन थे।” वहीं, इजरायली मीडिया की खबरों के अनुसार, नेतन्याहू ने फोन पर हुई बातचीत के बाद बताया कि उन्होंने ट्रंप को नेसेट को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया है।
ट्रंप की दूसरी राष्ट्रपति पद की यात्रा और कूटनीतिक सफलता
गाजा युद्ध को समाप्त करना ट्रंप के प्रमुख चुनावी वादों में से एक रहा है। बुधवार को घोषित यह समझौता उनके दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलताओं में से एक मानी जा रही है। व्हाइट हाउस में दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह ट्रंप की इजरायल की पहली यात्रा होगी। उनकी पिछली इजरायल यात्रा 2016 में हुई थी, जिसके बाद अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी थी। 2017 में अपने राष्ट्रपति आदेश के माध्यम से ट्रंप ने अमेरिका के दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम स्थानांतरित करने का निर्देश भी दिया था।
गाजा शांति समझौते का पहला चरण: एक नई उम्मीद
बुधवार को इजरायल और फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने गाजा संघर्षविराम के पहले चरण पर सहमति जताकर फिलिस्तीनी क्षेत्र में लंबे समय से जारी युद्ध को कुछ राहत दी है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इस समझौते की घोषणा करते हुए लिखा, “मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारे शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसका मतलब है कि सभी बंधकों को बहुत जल्द रिहा कर दिया जाएगा, और इजरायल अपनी सेना को एक सहमत सीमा तक पीछे हटा लेगा, जो एक मजबूत, स्थायी और हमेशा रहने वाली शांति की दिशा में पहला कदम होगा। सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा!”
समझौते के पहले चरण की रूपरेखा
ट्रंप के शांति समझौते के तहत, हमास शेष इजरायली बंधकों को रिहा करेगा। कुल 48 बंधकों में से, लगभग 20 के जीवित होने की संभावना है, जिन्हें सोमवार तक रिहा कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गाजा में तैनात इजरायली सैनिकों को आंशिक रूप से पीछे हटना होगा और इजरायल को सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को रिहा करना होगा। हालांकि, हमास के निरस्त्रीकरण और गाजा के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे जैसे जटिल मुद्दों का समाधान अभी भी प्रतीक्षारत है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


