भोजपुरी की ‘लव स्टोरी’ का कड़वा सच: पवन सिंह और अक्षरा सिंह के रिश्ते का दर्दनाक अंत
नई दिल्ली: भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर खूब चर्चा में हैं। जहां एक ओर उनकी पत्नी ज्योति सिंह के साथ तलाक का मामला कोर्ट में लंबित है, वहीं दूसरी ओर उनके पुराने रिश्तों को लेकर भी नई बातें सामने आ रही हैं।
पवन सिंह और अक्षरा सिंह: एक वक्त था जब…
भोजपुरी इंडस्ट्री की जानी-मानी अदाकारा अक्षरा सिंह का नाम कभी पवन सिंह के साथ जुड़ा था। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री जितनी हिट थी, उतनी ही उनकी असल जिंदगी की नजदीकियां भी खबरों में छाई रहती थीं। साथ में कई सफल फिल्मों में काम करने के दौरान, दोनों के बीच का रिश्ता गहरा होता चला गया। मगर, अफसोस, यह रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया और एक दर्दनाक ब्रेकअप में तब्दील हो गया।
‘कमरे में बंद करके मारा था’, अक्षरा सिंह का चौंकाने वाला खुलासा
ब्रेकअप के बाद, अक्षरा सिंह ने एक इंटरव्यू में पवन सिंह के साथ अपने रिश्ते के दर्दनाक अनुभवों को खुलकर बयां किया था। उन्होंने बताया कि यह रिश्ता उनके लिए भावनात्मक रूप से बहुत मुश्किल रहा और पवन सिंह के व्यवहार ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था।
अक्षरा सिंह ने खुलासा किया कि पवन सिंह के साथ रिश्ता खत्म होने से पहले उनके साथ कई बार मारपीट की गई। उन्होंने बताया, “पवन सिंह मुझे कमरे में बंद कर देते थे, मुझ पर हाथ उठाते थे और मुझे मानसिक रूप से टॉर्चर करते थे।”
उन्होंने यह भी बताया कि जब पवन सिंह की शादी होने वाली थी, तो उन्हें एक घर में बंद कर दिया गया था ताकि वह किसी से संपर्क न कर सकें। सौभाग्य से, वह उस जगह से निकलने में कामयाब रहीं। अक्षरा सिंह ने भावुक होकर कहा, “भगवान की कृपा से मैं वहां से निकल पाई थी, वरना शायद आज मैं जिंदा नहीं होती। उसने मुझे खूब परेशान किया था। मुझे जान से मारने की धमकी तक दी थी।”
‘मुझे जान से मारने की धमकी दी गई’, भोजपुरी इंडस्ट्री की चुप्पी पर सवाल
अक्षरा सिंह के अनुसार, उस कठिन समय में भोजपुरी इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनका साथ नहीं दिया। उन्हें धमकियां मिलीं कि उन्हें यूपी-बिहार में रहने नहीं देना चाहिए। यहां तक कि उन पर तेजाब फेंकने की कोशिश भी की गई। इस मुश्किल वक्त में, उन्हें केवल अपने पिता का साथ मिला, जिन्होंने उनका हौसला बढ़ाया और इस मुश्किल घड़ी से निकलने में मदद की।
पवन सिंह से ब्रेकअप के बाद, अक्षरा सिंह को भोजपुरी इंडस्ट्री से काम मिलना बंद हो गया था। उन्होंने कहा, “मैंने देखा कि पूरी इंडस्ट्री एक तरफ थी और मैं अकेली थी। यहां एक्ट्रेसेस कभी आवाज नहीं उठातीं, बस दूसरों के कहने पर चलती हैं। मैंने उस जंजीर को तोड़ा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने बहुत कुछ सहा है। आज मैं जिंदा हूं, यही अपने आप में बड़ी बात है। मुझे हर तरह से परेशान किया गया था। टॉर्चर किया गया था।”
संघर्ष से ताकत की ओर: अक्षरा सिंह की प्रेरणादायक कहानी
आज अक्षरा सिंह न सिर्फ भोजपुरी इंडस्ट्री की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की आवाज भी बन चुकी हैं। उन्होंने अपने दर्द को अपनी ताकत में बदला और अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में दोबारा अपनी जगह बनाई।
अक्षरा सिंह का यह खुलासा एक बार फिर दिखाता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे की सच्चाई कितनी दर्दनाक हो सकती है। उनकी कहानी इस बात का सबूत है कि अगर हिम्मत और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी महिला अपने जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों से भी उभर सकती है।
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