दिल्ली
oi-Puja Yadav
Published: Friday, January 16, 2026, 10:55 [IST]
Delhi NCR Weather Update: राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने अपना कहर बरपा रखा है। शुक्रवार की सुबह जब आप अपने घरों से बाहर निकले तो राजधानी में तेज सर्दी और हल्के कोहरे का असर साफ देखने को मिला। मौसम के इस मिजाज को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बढ़ती ठंड के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
आज यानी 16 जनवरी को लगातार छठे दिन दिल्ली में शीतलहर जारी रही और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। राजधानी के विभिन्न मौसम केंद्रों पर पारा बेहद नीचे जा गिरा है। सबसे ठंडा मौसम पालम में दर्ज किया गया, जहां गुरुवार को न्यूनतम तापमान महज 2.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
इसके बाद आयानगर में तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। वहीं, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लोधी रोड क्षेत्र में पारा 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। क्या आपने सोचा है कि आखिर इस बार राजधानी इतनी ज्यादा ठंडी क्यों है? आइए, जानते हैं इसके पीछे का मुख्य कारण…
Delhi Record Cold Wave: पहाड़ों से भी ज्यादा ठंड क्यों?
मौसम विभाग के मुताबिक, सफदरजंग में तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। यह पिछले तीन सालों में जनवरी महीने का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। इससे पहले 16 जनवरी 2023 को यहां तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।
हैरानी की बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर का तापमान इस समय मशहूर हिमालयी हिल स्टेशनों से भी कम बना हुआ है। जहां शिमला में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस और देहरादून में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, वहीं दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है।
Delhi Temperature पर वैज्ञानिक क्या कहते हैं?
IMD के वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली में इस असामान्य ठंड के पीछे कई अहम वैज्ञानिक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है उत्तर-पश्चिम दिशा से बहने वाली शुष्क और ठंडी हवाएं। ये हवाएं बिना नमी के मैदानी इलाकों में तेज़ी से बह रही हैं, जिससे तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है। दूसरी ओर, पहाड़ी इलाकों में इस समय सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मौजूद है। इसके चलते पहाड़ों पर बादलों की मोटी परत छाई हुई है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, पहाड़ों पर मौजूद बादल रात के समय धरती की गर्मी को बाहर निकलने से रोक लेते हैं। इससे वहां तापमान बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिरता। इसके उलट, दिल्ली-एनसीआर में बीते कई दिनों से आसमान साफ बना हुआ है। जब बादल नहीं होते, तो दिन में जमा हुई गर्मी रात के समय सीधे वातावरण में निकल जाती है। इससे ज़मीन और उसके पास की हवा बहुत तेजी से ठंडी हो जाती है।
इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में रेडिएशनल कूलिंग (Radiational Cooling) कहा जाता है। आसान शब्दों में समझें तो दिन की गर्मी रात में टिक नहीं पाती और ठंड तेजी से बढ़ जाती है। यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर में रात और सुबह के समय सर्दी बेहद तीखी महसूस हो रही है।
Delhi Weather Forecast: आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 से 20 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालीय क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों—पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और उत्तर प्रदेश—में भी 18 जनवरी के बाद बारिश हो सकती है। बारिश और बर्फबारी के बाद ठंड का असर कुछ हद तक कम हो सकता है, लेकिन फिलहाल शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
IMD ने लोगों को ठंड को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की अपील की गई है। फिलहाल, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी कुछ दिन और हाड़ कंपाने वाली ठंड झेलनी पड़ सकती है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


