आतंकी साजिश का साया: अल-फलाह विश्वविद्यालय पर जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप, दो FIR दर्ज
दिल्ली में लाल किला के पास हुए आतंकी विस्फोट ने जहाँ देश को दहला दिया है, वहीं इस घटना की जांच के बीच एक नया मोड़ आ गया है। दिल्ली पुलिस ने हरियाणा के अल-फलाह विश्वविद्यालय के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। इस मामले में विश्वविद्यालय के दो डॉक्टरों सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। चिंताजनक बात यह है कि धमाके से ठीक पहले इसी विश्वविद्यालय के एक डॉक्टर के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) द्वारा विश्वविद्यालय के संबंध में जताई गई गंभीर चिंताओं के बाद हुई है। इन प्रतिष्ठित संस्थाओं ने विश्वविद्यालय द्वारा अपनी मान्यता के संबंध में कथित तौर पर किए गए झूठे दावों की ओर इशारा किया था। इसी के चलते अपराध शाखा ने धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत दो FIR दर्ज की हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यूजीसी और एनएएसी ने विश्वविद्यालय के संचालन की समीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का पता लगाया था, जिसके बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
यह घटनाक्रम लाल किले के पास हुए विस्फोट के पीछे की बड़ी साजिश की जांच से जुड़ा हुआ है। इससे पहले, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एक अलग FIR दर्ज की थी। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज प्रारंभिक मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दिया गया है।
अल-फलाह विश्वविद्यालय हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज में स्थित है। दिल्ली में विस्फोट से एक दिन पूर्व, इसी विश्वविद्यालय से जुड़े एक डॉक्टर के किराये के घर से विस्फोटक मिले थे। अगले दिन दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद, पुलिस ने अल-फलाह विश्वविद्यालय के खिलाफ अपनी जांच को तेज कर दिया। दिल्ली पुलिस की एक टीम ने ओखला स्थित विश्वविद्यालय के मुख्यालय का भी दौरा किया और संदिग्धों से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है।
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