बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान: क्या न्यायपालिका का अपमान हुआ? सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने उठाए सवाल
पटना: बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, लेकिन इस बीच सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने एक गंभीर आरोप लगाया है। भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम को "उच्चतम न्यायालय की अवमानना" करार दिया है।
अपने एक बयान में, भट्टाचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि उच्चतम न्यायालय ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के संबंध में दायर याचिकाओं की अंतिम सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की थी। इसके बावजूद, निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। भट्टाचार्य के अनुसार, यह कदम न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि यह न्यायपालिका के प्रति भी अनादर दर्शाता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में सत्ता के लिए घमासान मचा हुआ है। ऐसे में, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के इस आरोप से चुनावी माहौल में एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जो आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


