खांसी की दवा बनी काल: जबलपुर में 15 दिन में 6 बच्चों की मौत, दवा विभाग की छापेमारी

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खांसी की दवा बनी काल: जबलपुर में 15 दिन में 6 बच्चों की मौत, दवा विभाग की छापेमारी
जबलपुर में दवा विभाग की छापेमारी, खांसी की दवा से 15 दिन में 6 बच्चों की मौत! कई बीमार

छिंदवाड़ा को कंपा देने वाली खबर: संदिग्ध कफ सिरप ने ली 6 बच्चों की जान, 30 से ज़्यादा की हालत गंभीर

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहाँ ‘कोल्डरिफ कफ सिरप’ नामक एक खांसी की दवा पीने के बाद, केवल 15 दिनों के भीतर 6 मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इस भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, और दवा तथा औषधि विभाग हरकत में आ गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा में बच्चों को ‘कोल्डरिफ कफ सिरप’ दिया गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बिगड़ती हालत को देखते हुए 30 से ज्यादा बच्चों को नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में रेफर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश, इनमें से 6 बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने माता-पिता के दिल में गहरी खलबली मचा दी है।

डिस्ट्रीब्यूटर का पक्ष और सिरप की उत्पत्ति

इस मामले में, जबलपुर स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल्स के डिस्ट्रीब्यूटर, राजपाल कटारिया ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने यह खांसी की दवा छिंदवाड़ा में सप्लाई की थी। उन्होंने यह भी बताया कि कोल्डरिफ सिरप चेन्नई की एक कंपनी से मंगवाया गया था। उन्होंने न्यू अपना एजेंसी, आयुष फार्मा और जैन मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स जैसे स्थानों पर दवा की आपूर्ति की थी।

ड्रग इंस्पेक्टर की जांच और संदिग्ध बोतलें

जबलपुर के ड्रग इंस्पेक्टर, शरद कुमार जैन ने अपनी जांच का विवरण देते हुए बताया है कि कटारिया फार्मास्यूटिकल्स ने चेन्नई की एक कंपनी से कुल 660 बोतलें कोल्डरिफ कफ सिरप मंगवाई थीं। इनमें से 594 बोतलें छिंदवाड़ा भेजी गईं, जबकि बाकी 66 बोतलें कोल्ड स्टोरेज में रखी थीं। जांच के लिए इनमें से 16 बोतलों को भोपाल स्थित लैब में भेज दिया गया है।

जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल, दवा विभाग ने बची हुई बोतलों को सील कर दिया है और लैब रिपोर्ट आने तक उनके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या खांसी की सिरप में कोई जानलेवा तत्व मिला था, जो इन मौतों का कारण बना।

जनता में आक्रोश और शोक की लहर

इस घटना ने छिंदवाड़ा और आसपास के इलाकों में गहरा सदमा और गुस्सा पैदा किया है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, वहां मातम का माहौल है। पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी भयावह घटनाएं दोबारा न हों। यह घटना दवा सुरक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


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