गिरफ्तारी का जाल: पिपरवार में राहुल सिंह गिरोह के चार गुर्गे धराए, डंपरों पर फायरिंग का कबूलनामा
पिपरवार. दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने के इरादे से राजधर साइडिंग और एनटीपीसी टंडवा में हाइवा डंपरों पर फायरिंग करने वाले राहुल सिंह गिरोह के चार सदस्यों को पिपरवार पुलिस ने दबोच लिया है. पुलिस के हत्थे चढ़े इन अपराधियों के पास से दो अत्याधुनिक 7.65 एमएम पिस्टल, 10 कारतूस, तीन मोबाइल फोन और गिरोह का एक हाथ से लिखा पोस्टर भी बरामद हुआ है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टंडवा थाना क्षेत्र के कामता निवासी असजद रजा (21), ठाकुरगांव थाना क्षेत्र के पुरियो निवासी शाहजहां अंसारी (21), पिपरवार थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी महफूज आलम उर्फ लालू (25) और रातू थाना क्षेत्र के काठीटांड़ निवासी गुलजार अंसारी उर्फ राजू (23) के रूप में हुई है.
यह सनसनीखेज खुलासा टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार ने पिपरवार थाना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में किया. उन्होंने बताया कि चतरा एसपी को मंगलवार रात कारो मैदान के पास राहुल सिंह गिरोह के सदस्यों की एक आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए जुटने की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर, एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापामार दल गठित किया गया, जिसने तत्परता दिखाते हुए इन अपराधियों को उनके हथियार और अन्य सामानों के साथ धर दबोचा.
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने 18 अगस्त को राजधर साइडिंग और 20 सितंबर को एनटीपीसी टंडवा में हाइवा डंपरों पर हुई फायरिंग में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है. उन्होंने बताया कि अमन साहू गैंग के आजाद सरकार के नाम पर यह फायरिंग डंपर संचालकों में भय पैदा कर उनसे रंगदारी ऐंठने के लिए की गई थी. पूछताछ में इन आरोपियों ने अपने कई अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा किया है, जिसके आधार पर पुलिस अब आगे की कार्रवाई और अन्य गिरफ्तारियों के लिए छापामारी कर रही है.
आपराधिक कृत्य का लंबा इतिहास:
गिरफ्तार चार आरोपियों में से दो, शाहजहां अंसारी और महफूज आलम उर्फ लालू, पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं. शाहजहां अंसारी के खिलाफ ठाकुरगांव, खलारी और कुड्डु थानों में चोरी, हत्या, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. वहीं, महफूज आलम उर्फ लालू पर चान्हो थाना क्षेत्र में ऐसे ही कई आपराधिक मामले लंबित हैं.
ऑपरेशन की कमान: छापामारी दल में शामिल जांबाज:
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी अभियान में टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार, सर्किल इंस्पेक्टर उत्तम तिवारी, थाना प्रभारी अभय कुमार, अनि अभिमन्यु कुमार, सअनि आदित्य किशोर तिर्की और सशस्त्र बल के जवानों की टीम शामिल थी.
भय का पर्याय बनी फायरिंग की घटनाएँ:
- 18 अगस्त को राजधर साइडिंग में हुई फायरिंग.
- 20 सितंबर को एनटीपीसी टंडवा में हुई फायरिंग.
पुलिस की पकड़ में गिरोह के सदस्य, साथी तलाश जारी:
आरोपियों ने अपने कई साथियों के नाम उगले हैं, जिसके बाद पुलिस अब गहन जांच और ताबड़तोड़ छापामारी कर रही है.
अवेयर मीडिया नेटवर्क
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