सांस ने बुझे बुझाए, बहू की जान: देवघर की अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
देवघर, झारखंड। शुक्रवार की सुबह, देवघर की जिला अदालत ने एक ऐसे मामले में अपना फैसला सुनाया जिसने रिश्तों की गरिमा पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया। 60 वर्षीय अनीता देवी को अपनी बहू कविता देवी की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-तृतीय राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने सुनाया, साथ ही दोषी अनीता देवी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अतिरिक्त सरकारी वकील अशोक कुमार राय ने बताया कि पीड़िता कविता देवी ने अपनी मृत्यु से पहले जो बयान दिया था, वह इस घटना के राज खोलने की कुंजी साबित हुआ। इसी बयान के आधार पर 23 अप्रैल, 2022 को सारवां थाने में मामला दर्ज किया गया था।
मृतका के अपने बयान के अनुसार, घटना की रात, उसका अपनी सास अनीता देवी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। अनबन के बाद, कविता अपने घर लौट आई, जहां भूसे का ढेर रखा था। अफसोस की बात यह है कि कुछ ही समय बाद, उसकी सास अनीता देवी वहां पहुंची और आग जला दी। इस भयानक कृत्य ने कविता की साड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। मदद के लिए उसकी चीखें हवा में गूंजती रहीं, लेकिन कोई भी उसे बचाने के लिए आगे नहीं बढ़ा। कुछ राहगीरों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कविता की जान जा चुकी थी।
इस क्रूर घटना के दस मार्च, 2025 को आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद, अदालत ने मामले की त्वरित सुनवाई की और न्याय के तराजू को संतुलित करते हुए यह फैसला सुनाया। यह मामला न केवल एक दिल दहला देने वाली घटना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे रिश्तों में पनप रहा द्वेष जानलेवा साबित हो सकता है।
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