AMN. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने के मामले को लेकर अब प्रदेश की सियासत में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ आमने-सामने आ गए हैं. आज गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बीजेपी पर हमला बोला.
उन्होंने बीजेपी सरकार के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि एसओजी की रिपोर्ट के मुताबिक ओएमआर शीट बदलने का खेल साल 2018 से पहले यानी बीजेपी सरकार के समय शुरू हुआ और 2026 तक जारी रहा.
गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ देश का सबसे सख्त कानून बनाया. इसमें आजीवन कारावास, संपत्ति जब्त करने और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में पहली बार किसी आरपीएससी सदस्य को गिरफ्तार किया गया और एसओजी ने 250 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया.
गहलोत ने भाजपा सरकार पर निष्पक्ष जांच की बजाय केवल कांग्रेस शासनकाल के मुकदमों को कठघरे में खड़ा करने का आरोप लगाया. उन्होंने सीएम से मांग की है कि अब इन भर्ती परीक्षाओं की शुचिता पर सवाल उठ रहे हैं. वर्ष 2024 एवं 2025 में आयोजित सभी परीक्षाओं की गंभीरता एवं गहन जांच करायी जाये, ताकि युवाओं के मन में उत्पन्न शंकाओं का समाधान हो सके।
राठौड़ ने गहलोत पर बोला जुबानी हमला
इसके बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा, यह अपने आप में स्वीकारोक्ति है कि ओएमआर शीट घोटाले और पेपर लीक जैसी घटनाएं कांग्रेस शासन के दौरान हुईं. 2018 से 2023 के बीच जब अशोक गहलोत खुद मुख्यमंत्री थे तब 19 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे.
पीसी-नवभारत
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