कफ सिरप में जानलेवा जहर: क्या है याचिका की मांग?
एक चौंकाने वाला खुलासा: दवाओं में जहर का खेल, तंत्रिका तंत्र हो रहा है तबाह!
एक गंभीर याचिका ने देश भर में हलचल मचा दी है। यह याचिका सीधे तौर पर कफ सिरप में पाए गए जहरीले रसायनों – डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) की बिक्री पर सख्त नियंत्रण की मांग कर रही है।
48.6% जहर, 500 गुना ज़्यादा!
याचिका में बताए गए आंकड़े रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डीईजी की मात्रा 48.6 फीसद तक पाई गई है, जो कि निर्धारित मानक सीमा से लगभग 500 गुना अधिक है! यह रसायन, जिसे आमतौर पर औद्योगिक उपयोग के लिए जाना जाता है, दवाओं में मिलकर किडनी फेलियर जैसी भयानक बीमारी का कारण बन रहा है।
बच्चों की जान से खिलवाड़? जानलेवा हैं ये रसायन!
इस जानलेवा रसायन के कारण मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 9, राजस्थान में 2 और अन्य राज्यों में भी कई बच्चों की मौत हो चुकी है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि ऐसे घातक रसायन दवाओं में मिल रहे हैं और अनजाने में लोगों के शरीर में प्रवेश कर रहे हैं।
सरकारी ढिलाई पर सवाल! क्या होगी कार्रवाई?
हालांकि केंद्र सरकार ने इस सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन याचिका में जांच में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ा ऐतराज जताया गया है। यह लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने की मांग की जा रही है।
यह याचिका न केवल कुछ रसायनों पर नियंत्रण की मांग करती है, बल्कि यह हमारी स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाती है और उपभोक्ताओं के जीवन की रक्षा के लिए जवाबदेही तय करने की पुकार लगाती है।
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