H1B वीज़ा में बड़ा फेरबदल: आज ट्रंप-रुबियो से मिलेंगे मोदी के जय!

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H1B वीज़ा में बड़ा फेरबदल: आज ट्रंप-रुबियो से मिलेंगे मोदी के जय!
H1B Visa पर आई बड़ी खबर ! ट्रंप के रुबियो से आज बात करेंगे मोदी के जय

अमेरिकी वीज़ा नीति में बदलाव: भारत पर गहराता असर, विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात

जब दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अपनी वीजा नीतियों में बदलाव करता है, तो इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाता है। लेकिन इस बार, अमेरिका को एक बार फिर अपनी नीतियों पर गहराई से विचार करना पड़ सकता है। जिन देशों पर इन नई पाबंदियों का सबसे अधिक असर पड़ रहा है, उनमें भारत प्रमुख है। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ (सीमा शुल्क) ने भारत को झटका दिया था, और अब उन्होंने अपने देश के एच-1बी वीजा कार्यक्रम को और अधिक कड़ा बनाने का प्रस्ताव रखा है। इन नई पाबंदियों का मतलब है कि विदेशी पेशेवरों के लिए अमेरिका में नौकरी हासिल करना और भी मुश्किल हो जाएगा। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि इस कदम से अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

न्यूयॉर्क में विदेश मंत्रियों की बैठक: संबंधों को पटरी पर लाने का प्रयास

इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज न्यूयॉर्क में संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान होने वाली यह उच्च-स्तरीय बैठक, भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया सुधारों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने और हाल के महीनों में आए तनाव को कम करने के प्रयासों का एक और हिस्सा है।

रुबियो और जयशंकर की पिछली मुलाकातें जुलाई की शुरुआत में वाशिंगटन में और इसी साल जनवरी में हुई थीं। हालाँकि, यह दोनों नेताओं के बीच पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए व्यापार शुल्कों के कारण भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा था।

व्यापारिक संबंध और भविष्य की राह

ट्रम्प ने कहा था कि भारत पर लगाए गए 50% शुल्क, जिसमें 25% अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है, रूसी तेल की खरीद के कारण लगाए गए थे। हालांकि, हालिया कूटनीतिक बदलावों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार देखा गया है। दोनों पक्षों ने रुकी हुई व्यापार वार्ता को फिर से शुरू कर दिया है, और ट्रम्प ने विश्वास व्यक्त किया है कि उन्हें किसी समझौते पर पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।


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