आतंक की दुनिया में नया अध्याय: जैश-ए-मोहम्मद का ‘महिला आत्मघाती दस्ता’ – सादिया अजहर के नेतृत्व में!
पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) अपनी विचारधारा में एक अभूतपूर्व बदलाव ला रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी मौलाना मसूद अजहर के नाम से जारी एक पत्र के माध्यम से, संगठन ने अपनी पहली महिला शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ के गठन की घोषणा की है। यह कदम जहां संगठन की परंपराओं को चुनौती देता है, वहीं अब तक केवल पुरुषों तक सीमित रहे सशस्त्र अभियानों में महिलाओं की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करता है।
कौन हैं इस नई ब्रिगेड की सूत्रधार? मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर का उदय!
8 अक्टूबर से पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित मरकज उस्मान-ओ-अली में इस महिला इकाई के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, इस ऐतिहासिक महिला ब्रिगेड का नेतृत्व मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर करेंगी। सादिया के पति, यूसुफ अजहर, को हाल ही में भारतीय सेना ने बहावलपुर के JeM मुख्यालय, मरकज सुभानअल्लाह पर हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मार गिराया था। खबर है कि JeM अब कमांडरों की पत्नियों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की महिलाओं को बहावलपुर, कराची, मुजफ्फराबाद, कोटली, हरिपुर और मनसेहरा में स्थित अपने केंद्रों में भर्ती कर रहा है।
रणनीति में बड़ा फेरबदल: महिला आतंकवादियों की अहम भूमिका?
विश्लेषकों का मानना है कि पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता ने JeM को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है। अब संगठन महिलाओं को अपने परिचालन ढांचे में शामिल करने पर विचार कर रहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, मसूद अजहर और उनके भाई तल्हा अल-सैफ ने महिला आतंकवादियों को प्रशिक्षण और तैनाती की मंजूरी दे दी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि JeM अब महिला आत्मघाती हमलावरों को तैयार और तैनात करने के लिए कमर कस चुका है। यह कदम ISIS, Boko Haram, Hamas और LTTE जैसे संगठनों की उस रणनीति की याद दिलाता है, जिन्होंने पहले ही महिलाओं को सक्रिय लड़ाकू भूमिकाओं में इस्तेमाल किया है।
पाकिस्तान में संचालन और फंडिंग का नया पैंतरा: ऑनलाइन अभियानों पर जोर!
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद, JeM ने हिजबुल मुजाहिदीन (HM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के साथ मिलकर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में अपने संचालन को स्थानांतरित कर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान सक्रिय रूप से नष्ट हो चुके आतंकी बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने में लगा हुआ है।
इसके साथ ही, संगठन ने ऑनलाइन फंडिंग के नए रास्ते भी खोल दिए हैं। ईजिपैसा के माध्यम से 313 नए मरकज के लिए 3.91 अरब रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार, JeM न केवल अपनी रणनीति को बदल रहा है, बल्कि महिलाओं को परिचालन में शामिल करके अपनी क्षमता और पहुंच का विस्तार भी कर रहा है।
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