मध्य पूर्व की सुलगती आग एक बार फिर भड़क उठी है! होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। एक अमेरिकी अधिकारी के खुलासे के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ चुनिंदा ठिकानों को नेस्तनाबूद करते हुए रक्षात्मक हमले (Defensive Strikes) किए हैं। उधर, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी पुष्टि की है कि इन हमलों के दौरान देश के सामरिक रूप से अहम केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर भीषण धमाकों की गूंज सुनाई दी। नाम न छापने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार को यह सनसनीखेज जानकारी दी कि ईरानी सेना अमेरिकी परिसंपत्तियों को नेस्तनाबूद करने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (Surface-to-Air Missiles) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही थी, जिसके मुंहतोड़ जवाब में यह सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि, अमेरिका की ओर से ये हमले फिलहाल काफी सीमित दायरे में रखे गए हैं।
एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार को गोपनीयता की शर्त पर बताया, ‘‘ईरान अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए लगातार सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का प्रयोग कर रहा था, जिन्हें अब करारा जवाब देते हुए निशाना बनाया गया है।’’ खास बात यह है कि ये सैन्य हमले ऐसे संवेदनशील वक्त पर हुए हैं जब अमेरिका में बेहद महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव सिर पर हैं। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया था कि अमेरिका मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं करेगा। ईरान के साथ चल रहे इस तनाव और युद्ध के बाद अमेरिकी बाजार में पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे विपरीत असर को विपक्षी दल रिपब्लिकन पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी के रूप में भुना रहे हैं। फिलहाल, रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी संसद (कांग्रेस) पर अपना राजनीतिक नियंत्रण बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने ईरान के साथ संभावित कूटनीतिक बातचीत को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से विस्तार से चर्चा की है। वेंस ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, ‘‘राष्ट्रपति और मुझे दोनों को पूरा यकीन है कि बातचीत के रास्ते किसी ठोस समझौते तक पहुंचने की संभावनाएं अभी भी बेहद मजबूत हैं।’’ गौरतलब है कि वेंस ने पिछले हफ्ते ही ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक गुप्त पत्र भेजा था, हालांकि ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) ने इस पत्र की संवेदनशील सामग्री को लेकर अब तक बेहद चुप्पी साध रखी है और बहुत कम खुलासे किए हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद पत्रकारों को यह जानकारी दी थी कि यह पत्र ईरान को ‘‘चिकित्सा आपूर्ति और अन्य जरूरी राहत सामग्री’’ पहुंचाने में मदद करने के सिलसिले में था। लेकिन सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंस के ताजा संकेतों ने यह उम्मीद जगा दी है कि परदे के पीछे अमेरिका और ईरान किसी बड़े कूटनीतिक समझौते की इबारत लिखने के करीब पहुंच सकते हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर बातचीत और शांति की उम्मीदें
एक तरफ जहां बारूदों की गंध फैली है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीति के बंद दरवाजों को खोलने की कोशिशें भी लगातार जारी हैं:
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस का बड़ा बयान: उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सनसनीखेज खुलासा किया कि उन्होंने ईरान के साथ भविष्य की वार्ताओं को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मंत्रणा की है। उन्होंने पुरजोर तरीके से यह उम्मीद जताई कि कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस खूनी गतिरोध को खत्म कर किसी शांतिपूर्ण समझौते पर पहुंचा जा सकता है।
गुप्त पत्र और मानवीय राहत: बीते हफ्ते, जे.डी. वेंस ने ईरान के कुख्यात सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई (Mohsen Rezaei) के नाम एक गोपनीय पत्र प्रेषित किया था। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस पत्र के शब्दों को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद यह साफ कर दिया कि यह पत्र ईरान को मानवीय सहायता के तहत “चिकित्सा आपूर्ति और अन्य बुनियादी जरूरतों” में मदद मुहैया कराने के मकसद से भेजा गया था।
समझौते की जगी उम्मीद: सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंस के बयानों से अंतरराष्ट्रीय गलियारों में यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच तल्खी के बावजूद कूटनीतिक संवाद के जरिए इस खतरनाक टकराव को थामने की गुंजाइश अभी भी बाकी है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


