रूस और यूरोपीय संघ से भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात को मिलेगी बड़ी उड़ान, मंत्री पीयूष गोयल ने किया खुलासा
नई दिल्ली: भारतीय समुद्री उत्पाद उद्योग के लिए एक सुखद खबर सामने आई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को घोषणा की कि रूस जल्द ही भारत की लगभग 25 मछली पालन इकाइयों को अपने देश में आपूर्ति के लिए मंजूरी देने की तैयारी में है। यह कदम भारत के समुद्री खाद्य निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा साबित होगा।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब हाल ही में यूरोपीय संघ (ईयू) ने भी निर्यात के लिए भारत से 102 अतिरिक्त समुद्री उत्पाद इकाइयों को हरी झंडी दिखाई है। मंत्री गोयल ने संवाददाताओं से कहा, "रूस लगभग 25 मत्स्य प्रतिष्ठानों को भी मंजूरी देने की तैयारी में है।"
निर्यात में विविधता लाने पर भारत का जोर
भारत न केवल अपने मछली निर्यात को इन देशों तक सीमित रखेगा, बल्कि अपने झींगा और मछली निर्यात में विविधता लाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित कई अन्य देशों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। यह पहल भारत के झींगा निर्यात के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क से प्रभावित हुआ है।
आंकड़े बताते हैं कि बीते वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का झींगा निर्यात 4.88 अरब डॉलर तक पहुंचा, जो कुल समुद्री खाद्य निर्यात का एक प्रभावशाली 66 प्रतिशत रहा। इस आंकड़े को और बढ़ाने के लिए निर्यात बाजारों का विस्तार अत्यंत आवश्यक है।
ईयू के साथ मुक्त व्यापार समझौते की ओर तेजी से कदम
जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बारे में पूछा गया, तो मंत्री गोयल ने आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले महीनों में हम यूरोपीय संघ के साथ एक समझौते पर पहुंच जाएंगे।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतिम रूप उन कुछ अंतिम मुद्दों पर निर्भर करेगा जिन पर अभी भी गहन बातचीत चल रही है।
यह प्रगति भारत के समुद्री उत्पाद क्षेत्र के लिए एक सुनहरे भविष्य का संकेत देती है, जो न केवल घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को भी और बेहतर बनाएगा।
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