AMN. वर्ष 2025-26 का भुगतान अब तक नहीं होने पर निजी शिक्षण संस्थानों ने चेतावनी दी है कि सत्र 2026-27 में बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा. अब इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है.
इस संबंध में पूर्व सीएम गहलोत ने आज एक्स के माध्यम से कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने राज्य के गरीब बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आरटीई का दायरा बढ़ाने और कक्षा 9 से 12 तक मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था. इसके विपरीत कक्षा 1 से 8 तक की आरटीई फीस का 900 करोड़ रुपये का बकाया भी वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा है।
सरकार गरीब बच्चों की फीस नहीं भर सकती, उसके बड़े-बड़े दावे खोखले हैं
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि निजी स्कूलों द्वारा नए दाखिले रोकने की चेतावनी और पिछले साल से अब तक 44 हजार बच्चों का दाखिला न होना मुख्यमंत्री के ‘2 साल बनाम 5 साल’ के सुशासन के दावों की हकीकत उजागर करता है. जो सरकार गरीब बच्चों की फीस नहीं भर सकती, उसके बड़े-बड़े दावे खोखले हैं।
बकाया राशि का तुरंत भुगतान करें
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की है कि बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए और संवादहीनता को खत्म किया जाए, ताकि राज्य के किसी भी गरीब बच्चे का भविष्य अंधकार में न जाए और उनकी शिक्षा सुचारू रूप से चल सके.
पीसी:फर्स्टइंडिया।
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