कोलकाता में जल प्रलय: बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त, 10 की जान गई, कई इलाकों में अभी भी अंधेरा

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कोलकाता में जल प्रलय: बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त, 10 की जान गई, कई इलाकों में अभी भी अंधेरा
कोलकाता में मूसलाधार बारिश के बाद अब कैसे हैं हालात? कई इलाकों में अब भी जलजमाव और बिजली संकट, 10 की मौत

कोलकाता की बाढ़: जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मूसलाधार बारिश ने कोहराम मचा दिया है। भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में व्यापक जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गारियाहाट, जोका, सरसुना, थांथनिया और एमर्स्ट स्ट्रीट जैसे इलाके अभी भी पानी में डूबे हुए हैं।

विस्तृत जानकारी:

  • जलजमाव: शहर के कई प्रमुख इलाकों में अभी भी घुटनों तक पानी भरा हुआ है। लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
  • बिजली कटौती: सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रखी गई है। कोलकाता विद्युत आपूर्ति कंपनी (CESC) करंट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सावधानी बरत रही है।
  • परिवहन सेवाएं प्रभावित:
    • मेट्रो की ब्लू लाइन पर शाहिद खूदिराम और मैदान स्टेशनों के बीच सेवाएं निलंबित हैं।
    • रेलवे ट्रैकों पर जलभराव के कारण कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है या उन्हें बीच रास्ते ही रोक दिया गया है।
    • सड़कों पर पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित है और कई जगहों पर वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है।
  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: बिधाननगर नगर निगम ने मंगलवार शाम को स्ट्रीट लाइट्स बंद कर दीं ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
  • प्रशासन के सामने चुनौती: हालांकि बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के मौसम से पहले सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कुछ जगहों पर मध्यम बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई है, इसलिए अधिकारियों द्वारा स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

चार दशकों की सबसे भारी बारिश:

सोमवार की रात को हुई मूसलाधार बारिश, जो लगभग चार दशकों में सबसे अधिक थी, ने शहर को हिलाकर रख दिया। इस बारिश के कारण कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से नौ लोगों की मौत करंट लगने से हुई। इस भारी बारिश ने हवाई, रेल और सड़क परिवहन को ठप कर दिया, शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना पड़ा और राज्य सरकार को दुर्गा पूजा की छुट्टियों को समय से पहले घोषित करना पड़ा।

रिकॉर्ड तोड़ बारिश:

24 घंटे से भी कम समय में 251.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1986 के बाद से सबसे अधिक है। यह पिछले 137 वर्षों में एक दिन में हुई छठी सबसे अधिक वर्षा थी।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान:

  • कोलकाता में आज भी छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है।
  • अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन मेघगर्जन और मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
  • मछुआरों को समुद्र तट के पास न जाने की सलाह दी गई है।
  • आम जनता को पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की चेतावनी दी गई है।


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