छिंदवाड़ा में जंगली हाथी का आतंक, दो ग्रामीण घायल और खेतों में डेढ़ एकड़ फसल हुई तबाह

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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छिंदवाड़ा में जंगली हाथी का आतंक, दो ग्रामीण घायल और खेतों में डेढ़ एकड़ फसल हुई तबाह

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक विशाल जंगली हाथी के भटककर रिहाइशी इलाकों और खेतों तक पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। घना कोहरा, बारिश और कम दृश्यता हालात को और मुश्किल बना रही है। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

कान्हा से भटककर पहुंचा तामिया-जुन्नारदेव

बताया जा रहा है कि हाथी अमरवाड़ा के रास्ते कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र से भटककर तामिया और जुन्नारदेव इलाके में पहुंचा है। खराब मौसम और घने कोहरे के बीच उसकी आवाजाही लगातार बनी हुई है। कभी जंगल तो कभी खेतों की ओर बढ़ते हाथी ने ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

दो ग्रामीणों पर कर चुका है हमला

हाथी के हमले में अब तक दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अमरवाड़ा के चिखली चनेरी गांव में खेत में काम कर रहे किसान सुरेश कुमरे पर हाथी ने हमला किया। दूसरी घटना बीजाढाना में हुई, जहां 60 वर्षीय चतुर्दशी पिता दसनलाल शीलू धुंध के बीच बैल चरा रहे थे। हाथी ने उन्हें उठाकर दूर फेंक दिया, जिससे उनके बाएं पैर में गंभीर चोट आई।

समय पर मदद से अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग

घटना के बाद फॉरेस्ट कर्मी सोनू भलावी ने तत्काल घायल बुजुर्ग की मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। घने कोहरे के कारण हाथी की मौजूदगी का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि ग्रामीणों को विशेष रूप से जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।

डेढ़ एकड़ फसल रौंदकर तबाह

हाथी का असर सिर्फ लोगों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। तामिया के कमडोरा निवासी किसान सतीश के खेत में घुसकर हाथी ने करीब डेढ़ एकड़ खड़ी फसल रौंद दी। अचानक हुई इस तबाही से किसान को बड़ा नुकसान हुआ है। वन विभाग अब हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।

वन विभाग और प्रशासन अलर्ट

पश्चिम वनमंडल अधिकारी साहिल गर्ग के अनुसार, करीब 5 से 7 किलोमीटर के क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई है। प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सावधान किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि हाथी और इंसानों के बीच टकराव की स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जाए।

नुकसान का मिलेगा मुआवजा

जुन्नारदेव एसडीएम राजनंदनी सिंह ने कहा है कि प्रभावित लोगों के नुकसान की जांच कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती हाथी की सुरक्षित निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा है। जंगल से निकलकर आबादी के करीब पहुंचे इस वन्यजीव की मौजूदगी ने एक बार फिर इंसान और वन्यजीव के बीच बढ़ते टकराव की चुनौती सामने ला दी है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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