AMN. महिला आरक्षण बिल पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को हार का सामना करना पड़ा है. वह इस बिल को लोकसभा में पारित नहीं करा सकीं. 2014 में सत्ता में आने के बाद पहली बार मोदी सरकार को लोकसभा में किसी बिल पर बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. इस हार के बाद मोदी सरकार को परिसीमन से जुड़े दो अन्य संशोधन बिल भी वापस लेने पड़े.
खबरों के मुताबिक, महिला आरक्षण बिल पर शुक्रवार को लोकसभा में वोटिंग हुई। वोटिंग के वक्त लोकसभा में 528 सांसद मौजूद थे. बिल को पास कराने के लिए सरकार को 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन इस बिल के पक्ष में सिर्फ 298 वोट पड़े. जबकि विपक्ष को 230 वोट मिले. इसी वजह से मोदी सरकार इस बिल को लोकसभा में 54 वोटों से पास कराने से चूक गई. इसके चलते नारी शक्ति वंदन कानून साकार नहीं हो सका। इस बिल के फेल होने से अब 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू नहीं हो पाएगा.
अब यही होगी बीजेपी की रणनीति
महिला आरक्षण बिल फेल होने के बाद बीजेपी ने भी इसे भुनाने की तैयारी कर ली है. खबरों के मुताबिक आज से देशभर में बीजेपी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने भी साफ कर दिया है कि बीजेपी इसे बड़े राजनीतिक मुद्दे के तौर पर इस्तेमाल करेगी. इस समय भाजपा की ओर से पूरे विपक्ष को न सिर्फ महिला विरोधी, बल्कि दलित और आदिवासी विरोधी भी बताने की कोशिश की जायेगी.
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