महिला वर्ल्ड कप 2025: इतिहास दोहराने की राह पर हरमनप्रीत की ‘तूफानी पारी’ का इंतज़ार
नवी मुंबई: महिला वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में मेजबान भारत के पास फाइनल का टिकट पक्का करने का यह सुनहरा मौका है. गुरुवार को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में भारतीय टीम का सामना पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा. इस अहम मुकाबले में सबकी निगाहें भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर पर टिकी होंगी, जिनसे 8 साल पहले खेली गई उनकी अविश्वसनीय पारी जैसा ही करिश्माई प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद है. 2017 में इंग्लैंड के डर्बी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरमनप्रीत ने 115 गेंदों पर नाबाद 171 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर महिला क्रिकेट में तहलका मचा दिया था. एक बार फिर, करोड़ों भारतीय फैंस अपनी कप्तान से वैसी ही तूफानी पारी की आस लगाए हुए हैं, जो टीम को जीत की दहलीज पार करा सके.
7 बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया: कड़ी चुनौती, लेकिन जीत का हौसला
ऑस्ट्रेलिया, जिसने 7 बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है, एक बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी है. लेकिन इस महामुकाबले में जीत भारत के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और आईसीसी खिताब जीतने की उसकी उम्मीदों को भी पंख लगेंगे. अगर भारत यह मैच जीतता है, तो फाइनल में उसका सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा. भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक कुछ उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसी धाकड़ टीम को हराने का यह एक बेहतरीन अवसर है. इसके लिए टीम के हर खिलाड़ी को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. इस वर्ल्ड कप में भारत ने पहले दो मैच जीते, फिर तीन में हार का सामना किया, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई.
प्रतीका रावल की कमी खलेगी, शेफाली के ओपनिंग पर सवाल?
हालांकि, टीम के लिए एक बड़ा झटका तब लगा जब ओपनर प्रतीका रावल चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं. वह शानदार फॉर्म में थीं और उनकी कमी निश्चित रूप से खलेगी. अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि भारत का सामना उन टीमों से है जिन्होंने लीग चरण में उसे हराया है. मैदान पर उतरने से पहले, भारतीय टीम को अपनी प्लेइंग इलेवन को लेकर कुछ अहम फैसले लेने होंगे. बड़े शॉट खेलने वाली शेफाली वर्मा को टीम में शामिल करना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि वह टीम की शुरुआती योजनाओं का हिस्सा नहीं थीं और रिजर्व खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं थीं. उप-कप्तान स्मृति मंधाना के साथ उनका ओपनिंग जोड़ी का रिकॉर्ड (25 पारियों में 37.20 की औसत से 893 रन) रावल और मंधाना की जोड़ी (23 पारियों में 78.21 की औसत से 1,799 रन) की तुलना में काफी कम प्रभावी रहा है.
हरलीन देओल बन सकती हैं सहारा, दबाव झेलने वाला ही होगा विजेता
भारत के पास हरलीन देओल के रूप में एक और विकल्प मौजूद है, जो ओपनिंग के साथ-साथ छठे गेंदबाज की भूमिका भी निभा सकती हैं. हालांकि, हरलीन का वनडे रिकॉर्ड (सात मैचों में 75.11 की औसत से 169 रन) बहुत प्रभावशाली नहीं है, लेकिन उनकी क्रीज पर टिके रहने की क्षमता टीम को मजबूती दे सकती है. स्मृति मंधाना को दूसरे छोर से एक ऐसे साथी की जरूरत है जो रन गति को बनाए रख सके. बेमौसम बारिश की आशंका के बावजूद, पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल बताई जा रही है. ऐसे में, बड़े स्कोर का दबाव लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम पर भारी पड़ सकता है. कुल मिलाकर, यह देखना दिलचस्प होगा कि किस टीम में दबाव झेलने की क्षमता अधिक है. जो टीम इस दबाव को बेहतर ढंग से संभालेगी, वही विजेता बनेगी.
संभावित टीमें:
भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), उमा छेत्री (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), हरलीन देयोल, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, अमनजोत कौर, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, राधा यादव.
ऑस्ट्रेलिया : एलिसा हीली (कप्तान और विकेटकीपर), ताहलिया मैकग्राथ (उपकप्तान), एलिस पेरी, बेथ मूनी (विकेटकीपर), फोबे लिचफील्ड, जॉर्जिया वोल, एशले गार्डनर, किम गर्थ, हीथर ग्राहम, अलाना किंग, सोफी मोलिनक्स, एनाबेल सदरलैंड, डार्सी ब्राउन, मेगन स्कुट, जॉर्जिया वेयरहैम.
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


